मधुबनी जिले के जयनगर में गुरुवार को उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार हेलीकॉप्टर से अचानक दौरे पर पहुंचे। उनके आगमन को लेकर पहले से ही पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
दोनों वरिष्ठ अधिकारी माउंट कारमेल स्कूल परिसर में हेलीकॉप्टर के माध्यम से उतरे, जहां पहले से मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जिससे पूरे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।
दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा से सटे जयनगर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना था। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें वर्तमान सुरक्षा स्थिति, संभावित चुनौतियों और उन्हें लेकर तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में खास तौर पर सीमा पार से होने वाली गतिविधियों, तस्करी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
इस दौरे के दौरान पूरे जयनगर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी और हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। आम लोगों में भी इस दौरे को लेकर उत्सुकता देखने को मिली।
मुख्य सचिव और डीजीपी के इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन हुआ, बल्कि आने वाले समय के लिए ठोस रणनीति भी तैयार की गई।
कुल मिलाकर, इस उच्चस्तरीय दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार सीमा क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क और गंभीर है।














