पचही (मधेपुर) में संस्कृत शिक्षा को नई दिशा संस्कृत बोर्ड अध्यक्ष श्री मृत्युंजय झा का बड़ा ऐलान – सभी संस्कृत विद्यालय होंगे आधुनिक
संस्कृत बोर्ड अध्यक्ष श्री मृत्युंजय झा का बड़ा ऐलान – सभी संस्कृत विद्यालय होंगे आधुनिक
पचाही, मधेपुर (जिला–मधुबनी):
बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के माननीय अध्यक्ष श्री मृत्युंजय झा द्वारा कामेश्वरी प्राथमिक सह मध्य विद्यालय, पचाही में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बिहार में संस्कृत शिक्षा के पुनरुत्थान, आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री झा ने कहा कि बिहार के सभी संस्कृत विद्यालयों को आधुनिक संस्कृत विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ परंपरागत संस्कृत शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक विषयों और तकनीकी संसाधनों को भी जोड़ा जाएगा।
📌 अध्यक्ष श्री मृत्युंजय झा के प्रमुख वक्तव्य
🔹 वर्षों से खाली पड़े पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया
🔹 संस्कृत विद्यालयों में छात्र उपस्थिति बढ़ाने पर विशेष जोर
🔹 इस वर्ष माध्यम बोर्ड परीक्षा में रिकॉर्ड संख्या में छात्र-छात्राओं की भागीदारी की संभावना
🔹 संस्कृत शिक्षा को रोजगारोन्मुख और व्यवहारिक बनाने की दिशा में कार्य
उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल परंपरा नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की मजबूत नींव है।
🎓 गरिमामय उपस्थिति से कार्यक्रम हुआ ऐतिहासिक
इस कार्यक्रम में आसपास के सभी प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक की गरिमामय उपस्थिति रही।
विशेष रूप से—
▪️ पूर्व प्रधानाध्यापक श्री नथुनी प्रसाद राय
▪️ युवा हिन्द ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री हेमंत कुमार सिंह
▪️ श्री प्रेम कुमार कुशवाह
▪️ श्री अजय मंडल
▪️ एवं अन्य शिक्षाविद, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक
की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।
✍️ युवा हिन्द ट्रस्ट द्वारा सौंपा गया मांग पत्र
कार्यक्रम के दौरान युवा हिन्द ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री हेमंत कुमार सिंह ने माननीय अध्यक्ष श्री मृत्युंजय झा को एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा।
मांग-पत्र में बिहार के संस्कृत विद्यालयों की बदहाल स्थिति, शिक्षक-संसाधन संकट, लंबित वेतन, बंद होते विद्यालयों और सामाजिक उपेक्षा की ओर गंभीरता से ध्यान आकृष्ट कराया गया।
📜 मांग पत्र की प्रमुख मांगें
✔ प्रत्येक संस्कृत विद्यालय की समस्याओं का व्यक्तिगत स्तर पर समाधान
✔ बंद पड़े संस्कृत विद्यालयों को पुनः चालू किया जाए
✔ शिक्षकों का लंबित वेतन अविलंब भुगतान हो
✔ प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक संस्कृत हाई स्कूल की स्थापना
🔔 संस्कृत शिक्षा को लेकर नई उम्मीद
अध्यक्ष श्री मृत्युंजय झा ने मांग-पत्र को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि संस्कृत बोर्ड शिक्षा, शिक्षक और छात्र—तीनों के हित में ठोस एवं निर्णायक कदम उठाएगा।
उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी संस्कृति की आत्मा है और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है।
🟠 YHT 24×7 NEWS विशेष टिप्पणी
पचाही (मधेपुर) में आयोजित यह कार्यक्रम संस्कृत शिक्षा के लिए नई चेतना और नई दिशा का प्रतीक बनकर उभरा है।





































