9 सितंबर — माँ, आपकी यादों में… I Miss You Maa
माँ…
यह शब्द लिखते हुए आज भी मन भर आता है। कभी सोचा नहीं था कि एक दिन ऐसा भी आएगा, जब आपको पुकारने के लिए मेरे पास केवल यादें होंगी। आपकी आवाज़ सुनने के लिए कान तरसेंगे, आपकी एक झलक पाने के लिए आँखें इंतज़ार करेंगी और आपके हाथों का स्पर्श महसूस करने के लिए मन बेचैन रहेगा।
9 सितंबर मेरे जीवन का वह दिन है, जिसे मैं चाहकर भी कभी भूल नहीं सकता। इसी दिन मेरी प्यारी माँ इस संसार को छोड़कर स्वर्गवासी हो गईं। उस दिन ऐसा लगा जैसे मेरे जीवन का सबसे मजबूत सहारा अचानक मुझसे छिन गया। घर वही है, आँगन वही है, सब कुछ वैसा ही है… लेकिन आपके बिना सब कुछ अधूरा-अधूरा सा लगता है।
माँ, आज भी कभी-कभी मन करता है कि आपको आवाज़ दूँ और आप हमेशा की तरह कहें—
“क्या हुआ बेटा, मैं हूँ न…”
लेकिन अब वह आवाज़ सुनाई नहीं देती। आपकी वह प्यारी मुस्कान दिखाई नहीं देती। आपका वह स्नेह भरा हाथ सिर पर महसूस नहीं होता।
बस आपकी यादें हैं… और उन यादों के सहारे मेरा जीवन चल रहा है।
I Miss You Maa…
मैं आपको हर दिन याद करता हूँ। आपकी कमी हर पल महसूस करता हूँ। आप मेरी आँखों से दूर हैं, लेकिन मेरे दिल से कभी दूर नहीं हो सकतीं।
माँ, आप इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन आपके संस्कार, आपकी बातें और आपका प्यार हमेशा मेरे भीतर जीवित रहेगा। मेरी हर सफलता में आपका आशीर्वाद होगा और मेरी हर प्रार्थना में आपका नाम।
9 सितंबर ने मुझसे मेरी माँ को छीन लिया,
लेकिन आपकी यादों को कोई मुझसे कभी नहीं छीन सकता।
काश… एक बार फिर आपकी गोद में सिर रख पाता।
काश… एक बार फिर आपका हाथ पकड़ पाता।
काश… एक बार फिर कह पाता—
“माँ, मुझे आपकी बहुत याद आती है।”
I MISS YOU MAA…
आज भी, कल भी और जिंदगी की आखिरी साँस तक।
आप मेरी यादों में थीं, हैं और हमेशा रहेंगी।
ईश्वर आपकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
आपका आशीर्वाद हमेशा मेरे और मेरे परिवार पर बना रहे।
ॐ शांति। 🙏..