सेवा ही संकल्प, विकास ही लक्ष्य
पढ़ा-लिखा नेतृत्व, मजबूत भविष्य
जनता की आवाज़, समाज का भरोसा
निस्वार्थ सेवा से सशक्त समाज
हर हाथ को काम, हर बच्चे को शिक्षा
🔷 प्रस्तावना (Intro):
आज के समय में जब राजनीति को लेकर आमजन में अविश्वास बढ़ता जा रहा है, ऐसे दौर में कुछ चेहरे उम्मीद की किरण बनकर सामने आते हैं। उन्हीं में से एक नाम है अरूण कुमार यादव—जो न केवल एक शिक्षित युवा हैं, बल्कि समाज सेवा को अपने जीवन का मूल उद्देश्य मानते हैं। जिला परिषद क्षेत्र संख्या 22 से उम्मीदवारी की तैयारी कर रहे अरूण यादव क्षेत्र में अपने कार्यों के कारण लगातार चर्चा में हैं।
🔷 जन्म, परिवार और संस्कार:
अरूण कुमार यादव का जन्म 02 जनवरी 1992 को मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड अंतर्गत इनरवा गांव में हुआ। उनके पिता श्री विन्देश्वर यादव एक मध्यम वर्गीय किसान हैं और माता श्रीमती रामरती देवी एक सरल, संस्कारी एवं गृहणी महिला हैं। माता-पिता के एकमात्र पुत्र होने के बावजूद अरूण यादव का पालन-पोषण सादगी, मेहनत और सामाजिक जिम्मेदारी के वातावरण में हुआ। बचपन से ही उनमें दूसरों की सहायता करने और समाज के लिए कुछ करने की भावना स्पष्ट दिखाई देती थी।
🔷 शिक्षा से नेतृत्व तक का सफर:
अरूण यादव ने महात्मा गांधी स्मारक उच्च विद्यालय, खजौली से वर्ष 2010 में प्रथम श्रेणी से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 2012 में ब्रह्मदेव चन्द्र कला अंतर महाविद्यालय, खजौली से कॉमर्स संकाय में टॉप किया और 15 अगस्त को महाविद्यालय द्वारा सम्मानित हुए।
इसके बाद उन्होंने आर. के. कॉलेज, मधुबनी से 2015 में इतिहास प्रतिष्ठा में स्नातक (B.A.) तथा जे. एन. कॉलेज, मधुबनी से 2018 में स्नातकोत्तर (M.A.) की डिग्री प्राप्त की। उनकी शिक्षा ने उन्हें समाज की ऐतिहासिक, सामाजिक और राजनीतिक संरचना को समझने की दृष्टि प्रदान की।
🔷 छात्र राजनीति और संगठनात्मक अनुभव:
अरूण कुमार यादव ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में दो वर्षों तक खजौली के सह नगर मंत्री के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को शिक्षा, राष्ट्रवाद और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने का कार्य किया। यहीं से उनमें नेतृत्व क्षमता और संगठन संचालन की समझ विकसित हुई।
🔷 प्रगति समाज सेवी युवा समिति – सेवा का मंच:
वर्ष 2007 में स्थापित प्रगति समाज सेवी युवा समिति से अरूण यादव शुरुआत से जुड़े रहे और उन्हें इसका अध्यक्ष चुना गया। तब से अब तक वे लगातार अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने:
शिक्षा जागरूकता अभियान
नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम
नशा मुक्ति अभियान
बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरुद्ध आंदोलन
पर्यावरण एवं जल संरक्षण
भ्रूण हत्या के खिलाफ सामाजिक संवाद
जैसे अनेक विषयों पर ज़मीनी स्तर पर कार्य किया है। समिति द्वारा 5100 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया, जिसमें सैकड़ों पौधे सरकारी एवं निजी स्थलों पर लगाए जा चुके हैं।
🔷 शिक्षा और युवाओं के लिए समर्पण:
संगठनात्मक कार्यों के साथ-साथ अरूण यादव एक प्राइवेट शिक्षक के रूप में भी कार्यरत हैं। वे पिछले पाँच वर्षों से लगातार स्वामी विवेकानंद जयंती पर प्रखंड स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित कर रहे हैं।
प्रतियोगिता में टॉप-5 छात्रों को 23 जनवरी (सुभाष चंद्र बोस जयंती) पर साइकिल, पुस्तकें और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाता है।
इसके अतिरिक्त 14 अप्रैल (डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती) पर मैट्रिक और इंटर में 400 से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को प्रतिभा सम्मान समारोह के तहत पुरस्कृत किया जाता है। अब तक सैकड़ों विद्यार्थी इससे लाभान्वित हो चुके हैं।
🔷 कोरोना काल में मानव सेवा की मिसाल:
कोरोना महामारी के कठिन समय में अरूण कुमार यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर जरूरतमंद परिवारों तक खाद्य सामग्री, राशन और राहत पहुंचाई। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्यकर्मी, सफाईकर्मी, बिजलीकर्मी एवं मीडिया कर्मियों को कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित किया। उनके इस कार्य के लिए कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए।
🔷 धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान:
अरूण यादव सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना रखते हैं। वे कई वर्षों तक कृष्ण पूजा समिति के अध्यक्ष रहे। इनरवा ब्रह्मस्थान में आयोजित कृष्ण पूजा, मेला एवं श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साथ ही उन्हें खेल-कूद, गीत-संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी विशेष रुचि है।
🔷 जनता के लिए हर समय उपलब्ध जनसेवक:
अरूण कुमार यादव निस्वार्थ भाव से असहाय, गरीब और जरूरतमंदों की सेवा करते हैं। वे अपने बेबाक विचारों, ईमानदारी और कर्मठता के लिए पहचाने जाते हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि समाज सेवा ही सच्ची राजनीति है। उनका लक्ष्य है—शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के माध्यम से अपने क्षेत्र, राज्य और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाना।
🔷 निष्कर्ष:
आज जिला परिषद क्षेत्र संख्या 22 की जनता एक ऐसे शिक्षित, ईमानदार और समर्पित चेहरे की तलाश में है, जो सिर्फ वादे नहीं बल्कि काम के आधार पर नेतृत्व करे। अरूण कुमार यादव अपने संघर्ष, सेवा और समर्पण के कारण जनता की उम्मीदों पर खरे उतरते दिखाई देते हैं।










