यह घटना जयनगर प्रखंड के बेतौन्हा गांव की है, जहाँ शुक्रवार देर रात अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। देर रात जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे, तभी एक घर से आग की लपटें उठनी शुरू हुईं और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आग इतनी तेजी से फैली कि उसने कुछ ही समय में एक रिहायशी घर, मवेशी घर (गोशाला) और एक दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों और धुएं के कारण आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को जगाया गया।
इस हादसे में भारी नुकसान हुआ है। तीन भैंसें आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गईं, वहीं चार मोटरसाइकिल और चार साइकिल पूरी तरह जलकर राख हो गईं। घर में रखा सामान, अनाज, कपड़े और जरूरी कागजात भी जलकर नष्ट हो गए, जिससे पीड़ित परिवार को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लगा है।
घटना की सूचना मिलते ही SSB (सशस्त्र सीमा बल) के जवान मौके पर पहुंचे। उनके साथ स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। पानी और उपलब्ध संसाधनों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। यदि समय रहते यह प्रयास नहीं किया जाता, तो आग आसपास के अन्य घरों तक भी फैल सकती थी और एक बड़ा हादसा हो सकता था।
इस दौरान गृहस्वामी जगदीश पासवान आग बुझाने की कोशिश में हल्के रूप से झुलस गए। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है, वहीं प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर मदद नहीं मिलती, तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि आग जैसी आपदा में सतर्कता और सामूहिक प्रयास कितना जरूरी होता है।