राशन, गैस एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समस्याओं पर अनुमंडल अनुश्रवण समिति की बैठक में गूंजा जनहित का मुद्दा
भाकपा-माले नेता भूषण सिंह ने खराब चावल, गैस वितरण में देरी और बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्रों पर उठाए सवाल, एसडीओ को सौंपा लिखित आवेदन
जयनगर, 29 मई 2026। अनुमंडल अनुश्रवण समिति जयनगर की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) दीपक कुमार की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित हुई। बैठक में पूर्व बैठक की कार्यवाही की पुष्टि के साथ-साथ जनवितरण प्रणाली, राशन कार्ड, रसोई गैस वितरण तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में समिति सदस्य एवं भाकपा-माले प्रखंड सचिव भूषण सिंह ने जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्नों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जनवितरण प्रणाली के तहत लाभुकों को उपलब्ध कराया जा रहा सीएमआर चावल निम्न गुणवत्ता का है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। इसके अलावा बिहार राज्य खाद्य निगम के लदनियां स्थित गोदाम से खाद्यान्न उठाव में होने वाली कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने जयनगर में स्थायी खाद्यान्न गोदाम के निर्माण की मांग की, ताकि वितरण व्यवस्था को अधिक सुचारु और प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक में रसोई गैस वितरण से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा हुई। भूषण सिंह ने कहा कि डीएसी (DAC) नंबर समय पर उपलब्ध नहीं होने तथा वितरण प्रक्रिया में देरी के कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने गैस आपूर्ति व्यवस्था में सुधार कर उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा बैठक में विशेष रूप से छाया रहा। भूषण सिंह ने जनशिकायतों का हवाला देते हुए बताया कि जयनगर प्रखंड क्षेत्र में कोरहिया एपीएससी, कमला बाड़ी एपीएससी सहित 18 हेल्थ सब सेंटर सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा दो अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश केंद्र वर्षों से बंद पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्वास्थ्य केंद्र केवल कागजों पर संचालित दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर वहां स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति किए जाने के बावजूद अधिकांश कर्मी अपने निर्धारित केंद्रों पर कार्य नहीं कर मुख्यालय में ही रहते हैं। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती है। स्वास्थ्य केंद्रों के बंद रहने से लोगों को निजी और अवैध क्लीनिकों पर निर्भर होना पड़ता है, जहां अक्सर आर्थिक शोषण और लापरवाही की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
भूषण सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों के संचालन के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च दिखाए जाते हैं, जबकि अधिकांश केंद्र वास्तविक रूप से बंद पड़े हैं। उन्होंने मांग की कि बंद पड़े हेल्थ सब सेंटरों एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा अनुपस्थित रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
बैठक के दौरान इन मांगों को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी को एक लिखित आवेदन भी सौंपा गया, जिसमें वर्षों से बंद पड़े 18 स्वास्थ्य केंद्रों को तत्काल चालू कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की मांग की गई।
बैठक में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी विपीन अंशु, मुख्य पार्षद कैलाश पासवान, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र महतो, माकपा नेता कुमार राणाप्रताप सिंह, जदयू प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार सिंह, भाजपा नेता उधव कुंवर, अनुरंजन सिंह, सूर्यनाथ यादव, बसपा नेता साविर, गैस एजेंसी प्रतिनिधि राकेश कुमार तथा जनवितरण प्रणाली दुकानदार संघ के प्रतिनिधि दीपक कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बैठक में उठाए गए मुद्दों पर प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। जनहित से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा को क्षेत्र के लोगों ने सकारात्मक पहल बताया है और जल्द समाधान की उम्मीद जताई है।