जयनगर (मधुबनी), 12 अप्रैल 2026:
जयनगर अंचल क्षेत्र में पिछले 22 वर्षों से लंबित जमीन विवाद को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। अंचलाधिकारी के निर्देश पर अंचल अमीनों की टीम ने उसराही देवधा और कुआढ़ मौजा में पहुंचकर पर्चाधारी महादलित परिवारों की जमीन की नापी शुरू कर दी है। इस दौरान जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों को चिन्हित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2004 में भू-हदबंदी योजना के तहत 65 भूमिहीन महादलित परिवारों को 15 से 29 डिसमिल तक जमीन का पर्चा आवंटित किया गया था। इनमें उसराही देवधा मौजा के 50 परिवार और कुआढ़ मौजा के 15 परिवार शामिल हैं। ये सभी परिवार बेल्ही दक्षिणी, देवधा दक्षिणी और डोरवार पंचायत के विभिन्न टोलों—कुआढ़, भेलवा टोल और अकौन्हा—से संबंधित हैं।
Our latest content
Check out what's new in our company !
हालांकि, पर्चा मिलने के बावजूद इन परिवारों को अब तक जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया था, जिसके कारण वे वर्षों से अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे थे। कई बार स्थानीय स्तर पर आंदोलन और प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग भी उठती रही।
अंचलाधिकारी के आदेश के बाद अमीन कौशल कुमार, विनय कुमार और पूजा कुमारी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन की मापी की। इस दौरान यह भी पाया गया कि कई जगहों पर पर्चा वाली जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। ऐसे कब्जाधारियों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार की गई है, जिसे जल्द ही अंचलाधिकारी को सौंपा जाएगा।
भाकपा-माले के प्रखंड सचिव भूषण सिंह ने बताया कि पर्चाधारी महादलित परिवारों को जमीन पर दखल दिलाने के लिए लंबे समय से आंदोलन चल रहा था। उन्होंने कहा कि अब प्रशासन की सक्रियता से उम्मीद जगी है कि जल्द ही पुलिस बल की मौजूदगी में इन परिवारों को उनकी जमीन पर अधिकार दिलाया जाएगा।
इस पहल से जयनगर क्षेत्र के महादलित परिवारों में खुशी का माहौल है। वर्षों से चले आ रहे संघर्ष के समाप्त होने की संभावना के बीच अब लोगों को उम्मीद है कि उन्हें उनका हक जल्द ही मिलेगा और वे अपने जीवन को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकेंगे।.


