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Mathura Zile ke Gamhariya Prakhand Office Inspection ke Dauraan Vivad, Patrakarita ki Swatantrata par Uthe Sawal

मथुरा जिले के गढ़ैया प्रखंड कार्यालय में निरीक्षण के दौरान हुआ विवाद, पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर उठे सवाल
3 January 2026 by
Mathura Zile ke Gamhariya Prakhand Office Inspection ke Dauraan Vivad, Patrakarita ki Swatantrata par Uthe Sawal
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फोटो लेने पर भड़के डीएम, दो पत्रकारों को थाने भिजवाया

मथुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड कार्यालय में निरीक्षण के दौरान हुआ विवाद, पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर उठे सवाल

गम्हरिया, मथुरा | yht24x7news

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड कार्यालय में मंगलवार को उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान समाचार संकलन कर रहे दो पत्रकारों को फोटो और वीडियो बनाने से रोका गया और बाद में उन्हें थाने भेज दिया गया। इस घटना को लेकर पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखी जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मथुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन मंगलवार को गम्हरिया प्रखंड मुख्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी करीब डेढ़ घंटे तक बीडीओ कार्यालय में मौजूद रहे, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों की फाइलों और संचिकाओं की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कई फरियादी भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे, जिनकी शिकायतों को सुनते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

पत्रकारों द्वारा कवरेज के दौरान हुआ विवाद

इसी दौरान स्थानीय पत्रकार सोनू कुमार और डिक्सन राज समाचार संकलन के उद्देश्य से कार्यालय परिसर में प्रशासनिक गतिविधियों की तस्वीरें और वीडियो बना रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिलाधिकारी ने इस पर आपत्ति जताते हुए पत्रकारों को फोटो और वीडियो बनाने से मना किया।

आरोप है कि इसके बाद जिलाधिकारी ने अपने अंगरक्षक को निर्देश दिया कि दोनों पत्रकारों को पकड़कर थाने भेजा जाए। इसके बाद दोनों पत्रकारों को एस्कॉर्ट वाहन से गम्हरिया थाना ले जाया गया

थाने में बैठाकर की गई पूछताछ

गम्हरिया थाना पहुंचने के बाद दोनों पत्रकारों को कुछ समय तक थाने में बैठाकर पूछताछ की गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि थाने पहुंचने लगे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

घटना को लेकर कुंदन कुमार, उमेश, शिवेश सिंह, अरुण कुमार सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सार्वजनिक कार्यालय में प्रशासनिक निरीक्षण का कवरेज करना पत्रकारों का अधिकार है।

थानाध्यक्ष का बयान

मामले पर गम्हरिया थानाध्यक्ष लवकुश कुमार ने बताया—

“जिला प्रशासन की लिखित गाड़ी से दोनों पत्रकारों को थाने लाया गया था। पूछताछ के बाद दोनों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया है।”

पत्रकार संगठनों में रोष

इस घटना के बाद मथुरा जिले के पत्रकार संगठनों में रोष व्याप्त है। पत्रकारों का कहना है कि प्रखंड कार्यालय जैसे सार्वजनिक स्थान पर रिपोर्टिंग करना अपराध नहीं है और इस तरह की कार्रवाई से प्रेस की स्वतंत्रता प्रभावित होती है

कई सवाल अब भी कायम

इस पूरे घटनाक्रम ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं—

  • क्या प्रशासनिक निरीक्षण जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम में पत्रकारों को कवरेज से रोका जा सकता है?

  • क्या बिना किसी लिखित आदेश के पत्रकारों को थाने भेजना उचित है?

  • क्या इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है?

पत्रकार संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों।

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