मधेपुरा (सिंहेश्वर): बिहार के मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर क्षेत्र से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है, जहाँ एक फर्जी फाइनेंस कंपनी ने लगभग 100 ग्रामीण महिलाओं को अपना शिकार बनाया है। "आकांक्षा लोन" नामक संस्था चला रहे ठगों ने महिलाओं को भारी-भरकम लोन का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए और रातों-रात ऑफिस बंद कर फरार हो गए।
डेढ़ लाख के लोन का दिया गया था झांसा जानकारी के अनुसार, ठगों ने सिंहेश्वर के दुर्गा चौक पर किराए का एक कमरा लेकर अपना ऑफिस खोला था। आरोपियों ने आस-पास के गांवों में जाकर महिलाओं को यह विश्वास दिलाया कि उनकी कंपनी उन्हें डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का लोन दिलाएगी। ग्रामीण और भोली-भाली महिलाओं ने उनकी बातों पर भरोसा कर लिया।
खाता खोलने और प्रोसेसिंग के नाम पर वसूली ठगों ने लोन प्रक्रिया को असली दिखाने के लिए महिलाओं से पहले खाता खोलने और फिर फाइल प्रोसेसिंग के नाम पर प्रति महिला लगभग 5,000 रुपये नकद जमा करवाए। इस प्रकार, करीब 100 महिलाओं से सामूहिक रूप से लगभग 5 लाख रुपये की अवैध वसूली की गई।
ऑफिस पर लटका मिला ताला, सदमे में पीड़ित महिलाओं को लोन की राशि देने के लिए एक निश्चित तारीख पर दुर्गा चौक स्थित ऑफिस बुलाया गया था। जब दर्जनों महिलाएँ उत्साहित होकर वहां पहुंचीं, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। ऑफिस पर ताला लटका था और वहां मौजूद सारा सामान और स्टाफ गायब था। कथित मैनेजर और एजेंटों के मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग अपने खून-पसीने की कमाई डूबते देख पीड़ित महिलाएँ सदमे में हैं। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पीड़ितों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
सुझाव:
यदि आप इसे किसी पोर्टल या सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं, तो पीड़ितों से अपील करें कि वे तुरंत नजदीकी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराएं।
ऐसी खबरों के अंत में पाठकों को जागरूक करें कि किसी भी अनजान कंपनी को बिना आधिकारिक जांच के नकद पैसे न दें।